इश्वर की माया कही धूप कही धाया पर एक काहानी कक्षा 6 की बच्ची के लिए

इश्वर की माया कही धूप कही धाया पर एक काहानी कक्षा 6 की बच्ची के लिए

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Melody

1 thought on “इश्वर की माया कही धूप कही धाया पर एक काहानी कक्षा 6 की बच्ची के लिए”

  1. Answer:

    अक्सर लोगों के मुंह से सुनने को मिल जाता है – ईश्वर की माया, कहीं धूप कहीं छाया. इसको और स्पष्ट करने के लिए एक दृष्टान्त का जिक्र करना लाजिमी हो जाता है. पिछले दिनों एक सज्जन अपने एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गए थे. उस परिवार की गिनती शहर के अमीर और संपन्न लोगों में होती है.

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